ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 2626.12वाल्मीकि रामायण 26.12तम् महा उरग संकाशम् प्रगृह्य परिघम् रणे । दूषणो अभ्यपतत् रामम् क्रूर कर्मा निशाचरः ॥३-२६-१२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय