ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 2525.23वाल्मीकि रामायण 25.23हयान् कांचन सन्नाहान् रथ युक्तान् स सारथीन् । गजाम् च स गज आरोहान् स हयान् सारधिनः तदा ॥३-२५-२३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय