ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 2222.13वाल्मीकि रामायण 22.13तम् मेरु शिखर आकारम् तप्त कांचन भूषणम् । हेम चक्रम् असंबाधम् वैदूर्यमय कूबरम् ॥३-२२-१३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय