ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 22.13वाल्मीकि रामायण 2.13चरामि सायुधो नित्यम् ऋषि मांसानि भक्षयन् । इयम् नारी वरारोहा मम भार्या भविष्यति ॥३-२-१३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय