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वाल्मीकि रामायण 17.25

अहम् प्रभाव संपन्ना स्वच्छंद बल गामिनी ।
चिराय भव भर्ता मे सीतया किम् करिष्यसि ॥३-१७-२५॥

पूरा अध्याय