ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 1212.35वाल्मीकि रामायण 12.35अनेन धनुषा राम हत्वा संख्ये महासुरान् । आजहार श्रियम् दीप्ताम् पुरा विष्णुर् दिव ओकसाम् ॥३-१२-३५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय