ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 1111.38वाल्मीकि रामायण 11.38स्थली प्राय वनोद्देशे पिप्पली वन शोभिते । बहु पुष्प फले रम्ये नाना विहग नादिते ॥३-११-३८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय