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वाल्मीकि रामायण 11.21

एवम् कथयमानः स ददर्श आश्रम मण्डलम् ।
कुश चीर परिक्षिप्तम् ब्राह्म्या लक्ष्म्या समावृतम् ॥३-११-२१॥

पूरा अध्याय