Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 99.18

एवं स विलपंस्तस्मिन् वने दशरथात्मजः।
ददर्श महतीं पुण्यां पर्णशालां मनोरमाम् ॥ २.९९.१८॥

पूरा अध्याय