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वाल्मीकि रामायण 86.14

विनद्य सुमहा नादम् श्रमेण उपरताः स्त्रियः ।
निर्घोष उपरतम् नूनम् अद्य राज निवेशनम् ॥२-८६-१४॥

पूरा अध्याय