ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 8383.8वाल्मीकि रामायण 83.8मेघ श्यामम् महा बाहुम् स्थिर सत्त्वम् दृढ व्रतम् । कदा द्रक्ष्यामहे रामम् जगतः शोक नाशनम् ॥२-८३-८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय