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वाल्मीकि रामायण 83.14

सुवर्ण काराः प्रख्याताः तथा कम्बल धावकाः ।
स्नापक आच्चादका वैद्या धूपकाः शौण्डिकाः तथा ॥२-८३-१४॥

पूरा अध्याय