ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 8282.22वाल्मीकि रामायण 82.22तूर्णम् उत्थाय गच्च त्वम् सुमन्त्र मम शासनात् । यात्राम् आज्ञापय क्षिप्रम् बलम् चैव समानय ॥२-८२-२२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय