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वाल्मीकि रामायण 82.1

ताम् आर्य गण सम्पूर्णाम् भरतः प्रग्रहाम् सभाम् ।
ददर्श बुद्धि सम्पन्नः पूर्ण चन्द्राम् निशाम् इव ॥२-८२-१॥

पूरा अध्याय