Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 81.16

ह्रदैव तिमि नाग सम्वृतः ।
स्तिमित जलो मणि शन्ख शर्करः ।दशरथ सुत शोभिता सभा ।सदशरथा इव बभौ यथा पुरा ॥२-८१-१६॥

पूरा अध्याय