Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 8.21

अनर्थदर्शिनी मौर्ख्यान्नात्मानमवबुध्यसे ।
शोकव्यसनविस्तीर्णे मज्जन्ती दुःखसागरे ॥२-८-२१॥

पूरा अध्याय