ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 7777.9वाल्मीकि रामायण 77.9पितुः शरीर निर्वाणम् निष्टनन् विषसाद ह । स तु दृष्ट्वा रुदन् दीनः पपात धरणी तले ॥२-७७-९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय