Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 75.49

बहुपुत्रो दरिद्रश्च ज्वररोगसमन्वितः ।
स भूयात्सततक्लेशी यस्यार्योऽनुमते गतः ॥२-७५-४९॥

पूरा अध्याय