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वाल्मीकि रामायण 74.35

इति नागैव अरण्ये तोमर अन्कुश चोदितः ।
पपात भुवि सम्क्रुद्धो निह्श्वसन्न् इव पन्नगः ॥२-७४-३५॥

पूरा अध्याय