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वाल्मीकि रामायण 74.24

एतौ दृष्ट्वा कृषौ दीनौ सूर्य रश्मि प्रतापिनौ ।
अर्ध्यमानौ बली वर्दौ कर्षकेण सुर अधिप ॥२-७४-२४॥

पूरा अध्याय