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वाल्मीकि रामायण 74.15

अन्यदा किल धर्मज्ञा सुरभिः सुर सम्मता ।
वहमानौ ददर्श उर्व्याम् पुत्रौ विगत चेतसौ ॥२-७४-१५॥

पूरा अध्याय