ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 7373.5वाल्मीकि रामायण 73.5मृत्युमापादितो राजा त्वया मे पापदर्शिनि । सुखम् परिहृतम् मोहात्कुलेऽस्मिन् कुलपाम्सनि ॥२-७३-५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय