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वाल्मीकि रामायण 72.42

स हि राज सुतः पुत्र चीर वासा महा वनम् ।
दण्डकान् सह वैदेह्या लक्ष्मण अनुचरः गतः ॥२-७२-४२॥

पूरा अध्याय