ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 7171.44वाल्मीकि रामायण 71.44मलिनम् च अश्रु पूर्ण अक्षम् दीनम् ध्यान परम् कृशम् । सस्त्री पुम्सम् च पश्यामि जनम् उत्कण्ठितम् पुरे ॥२-७१-४४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय