ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 77.6वाल्मीकि रामायण 7.6प्रहृउष्टमुदितैः पौरैरुच्च्रि तद्वजमालिनीम् । अयोध्यां वन्थरा तस्मात्प्रासादादन्ववैक्षत ॥२-७-६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय