ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 77.31वाल्मीकि रामायण 7.31मन्थराया वचः श्रुत्वा शयनात्स शुभानना । उत्तस्थौ हर्षसंपूर्णा चन्द्रलेखव शारदी ॥२-७-३१॥पिछलाअगलापूरा अध्याय