ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 77.10वाल्मीकि रामायण 7.10विदीर्यमाणा हर्षेण धात्री तु परया मुदा । आच्च्क्षे/अथ कुब्जायै भूयसीं राघवश्रियम् ॥२-७-१०॥पिछलाअगलापूरा अध्याय