ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 6868.21वाल्मीकि रामायण 68.21ते श्रान्त वाहना दूता विकृष्टेन सता पथा । गिरि व्रजम् पुर वरम् शीघ्रम् आसेदुर् अन्जसा ॥२-६८-२१॥पिछलाअगलापूरा अध्याय