ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 6868.15वाल्मीकि रामायण 68.15ते प्रसन्नोदकाम् दिव्याम् नानाविहगसेविताम् । उपातिजग्मुर्वेगेन शरदण्डाम् जनाकुलाम् ॥२-६८-१५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय