ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 6767.5वाल्मीकि रामायण 67.5अतीता शर्वरी दुह्खम् या नो वर्ष शत उपमा । अस्मिन् पन्चत्वम् आपन्ने पुत्र शोकेन पार्थिवे ॥२-६७-५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय