ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 6767.13वाल्मीकि रामायण 67.13न अराजके जन पदे यज्ञ शीला द्विजातयः । सत्राणि अन्वासते दान्ता ब्राह्मणाः सम्शित व्रताः ॥२-६७-१३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय