ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 6767.1वाल्मीकि रामायण 67.1आक्रन्दितनिरानन्दा सास्रकम्ठजनाविला । आयोध्यायामतितता सा व्यतीयाय शर्वरी ॥२-६७-१॥अगलापूरा अध्याय