ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 6666.12वाल्मीकि रामायण 66.12साहमद्यैव दिष्टान्तम् गमिष्यामि पतिव्रता । इदम् शरीरमालिङ्ग्य प्रवेक्ष्यामि हुताशनम् ॥२-६६-१२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय