ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 6464.72वाल्मीकि रामायण 64.72निवृत्त वन वासम् तम् अयोध्याम् पुनर् आगतम् । द्रक्ष्यन्ति सुखिनो रामम् शुक्रम् मार्ग गतम् यथा ॥२-६४-७२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय