ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 6464.28वाल्मीकि रामायण 64.28रुधिरेण अवसित अन्गम् प्रकीर्ण अजिन वाससम् । शयानम् भुवि निह्सम्ज्ञम् धर्म राज वशम् गतम् ॥२-६४-२८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय