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वाल्मीकि रामायण 64.22

सबाष्पपूर्णवदनो निःश्वसन् शोककर्शितः ।
माम् उवाच महा तेजाः कृत अन्जलिम् उपस्थितम् ॥२-६४-२२॥

पूरा अध्याय