ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 6363.12वाल्मीकि रामायण 63.12तत् इदम् मे अनुसम्प्राप्तम् देवि दुह्खम् स्वयम् कृतम् । सम्मोहात् इह बालेन यथा स्यात् भक्षितम् विषम् ॥२-६३-१२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय