ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 66.2वाल्मीकि रामायण 6.2प्रगृह्य शिरसा पात्रं हविषो विधिवत्तदा । महते दैवतायाज्यं जुहाव ज्वलितानले ॥२-६-२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय