ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 5959.30वाल्मीकि रामायण 59.30बाहुविक्षेपमीनौघो विक्रन्दितमहास्वनः । प्रकीर्णकेशशैवालः कैकेयीबडबामुखः ॥२-५९-३०॥पिछलाअगलापूरा अध्याय