ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 5757.7वाल्मीकि रामायण 57.7कच्चिन् न सगजा साश्वा सजना सजन अधिपा । राम सम्ताप दुह्खेन दग्धा शोक अग्निना पुरी ॥२-५७-७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय