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वाल्मीकि रामायण 57.24

स प्रविश्य अष्टमीम् कक्ष्याम् राजानम् दीनम् आतुलम् ।
पुत्र शोक परिम्लानम् अपश्यत् पाण्डुरे गृहे ॥२-५७-२४॥

पूरा अध्याय