ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 5555.30वाल्मीकि रामायण 55.30मातङ्गयोर्मद्यगता शुभा नागवधूरिव । एकैकम् पादपम् गुल्मम् लताम् वा पुष्पशालिनीम् ॥२-५५-३०॥पिछलाअगलापूरा अध्याय