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वाल्मीकि रामायण 54.36

प्रभातायाम् रजन्याम् तु भरद्वाजम् उपागमत् ।
उवाच नर शार्दूलो मुनिम् ज्वलित तेजसम् ॥२-५४-३६॥

पूरा अध्याय