ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 5252.97वाल्मीकि रामायण 52.97न हि तावदतिक्रान्ता सुकरा काचन क्रिया । अद्य दुःखम् तु वैदेही वनवासस्य वेत्स्यति ॥२-५२-९७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय