Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 52.87

सा त्वाम् देवि नमस्यामि प्रशम्सामि च शोभने ।
प्राप्त राज्ये नर व्याघ्र शिवेन पुनर् आगते ॥२-५२-८७॥

पूरा अध्याय