ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 5252.62वाल्मीकि रामायण 52.62परितुष्टा हि सा देवि वन वासम् गते मयि । राजानम् न अतिशन्केत मिथ्या वादी इति धार्मिकम् ॥२-५२-६२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय