ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 5252.39वाल्मीकि रामायण 52.39कथम् हि त्वद् विहीनो अहम् प्रतियास्यामि ताम् पुरीम् । तव तात वियोगेन पुत्र शोक आकुलाम् इव ॥२-५२-३९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय