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वाल्मीकि रामायण 50.12

तत्र त्रिपथगाम् दिव्याम् शिव तोयाम् अशैवलाम् ।
ददर्श राघवो गन्गाम् पुण्याम् ऋषि निसेविताम् ॥२-५०-१२॥

पूरा अध्याय