Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 47.11

निर्यातास्तेन वीरेण सह नित्यम् जितात्मना ।
विहिनास्तेन च पुनः कथम् पश्याम ताम् पुरीम् ॥२-४७-११॥

पूरा अध्याय