ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 4545.31वाल्मीकि रामायण 45.31निश्चेष्ट आहार सम्चारा वृक्ष एक स्थान विष्ठिताः । पक्षिणो अपि प्रयाचन्ते सर्व भूत अनुकम्पिनम् ॥२-४५-३१॥पिछलाअगलापूरा अध्याय